Last Updated on: Aug 25, 2026
PM SHRI Schools 2026 में NEP 2020 आधारित आधुनिक और समावेशी सरकारी स्कूलPM SHRI Schools का उद्देश्य infrastructure के साथ teaching-learning और school quality में परिवर्तन लाना है।

परिचय: 2022 से 2026 तक PM SHRI Schools ने क्या बदला? क्या केवल स्मार्ट क्लासरूम, नई प्रयोगशाला और सुंदर भवन किसी सरकारी स्कूल को उत्कृष्ट बना सकते हैं? शायद नहीं। एक अच्छे स्कूल की पहचान केवल उसकी इमारत से नहीं होती। असली सवाल यह है कि बच्चे वहाँ कैसे सीखते हैं, शिक्षक कैसे पढ़ाते हैं, प्रधानाध्यापक स्कूल को कैसे नेतृत्व देते हैं और बच्चों के सीखने में कितना सुधार आता है। यही संदर्भ PM SHRI Schools को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (PM SHRI) योजना 7 सितंबर 2022 को शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य मौजूदा सरकारी स्कूलों को गुणात्मक रूप से सुदृढ़ करना और उन्हें NEP 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के exemplar schools के रूप में विकसित करना है।

लेकिन अब वर्ष 2026 है।

तो स्वाभाविक प्रश्न है—2022 में घोषित इस योजना की आज क्या स्थिति है? क्या यह केवल infrastructure-upgradation programme है, या इससे स्कूलों के शिक्षण और सीखने में भी बदलाव की उम्मीद की जा रही है?

आइए, इसे विस्तार से समझते हैं।

PM SHRI Schools क्या हैं?

PM SHRI Schools केंद्र प्रायोजित योजना (Centrally Sponsored Scheme) के अंतर्गत विकसित किए जा रहे मौजूदा सरकारी स्कूल हैं। इनका उद्देश्य ऐसे स्कूल तैयार करना है जहाँ सुरक्षित, समावेशी और आनंददायक learning environment उपलब्ध हो तथा NEP 2020 की प्रमुख अवधारणाएँ व्यवहार में दिखाई दें।

इन स्कूलों को केवल अपने विद्यार्थियों के लिए बेहतर स्कूल नहीं बनना है। इन्हें अपने आसपास के अन्य स्कूलों के लिए भी exemplar और mentoring institution के रूप में भूमिका निभानी है।

एक सरल उदाहरण

मान लीजिए किसी ब्लॉक का PM SHRI School experiential learning, library culture, inclusive practices और school leadership में अच्छी practice विकसित करता है।

तब उसकी भूमिका केवल अपने स्कूल तक सीमित नहीं होनी चाहिए।

वह आसपास के स्कूलों के साथ अपनी सीख साझा कर सकता है।

यही PM SHRI की demonstration और ripple-effect approach का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

2026 में PM SHRI Schools की वर्तमान स्थिति क्या है?

अब इस योजना को उसके वर्तमान आँकड़ों के साथ देखना अधिक उपयोगी होगा।

29 जुलाई 2026 को संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, देशभर में 14,500 से अधिक PM SHRI Schools विकसित करने के लक्ष्य के मुकाबले 13,092 स्कूलों का चयन PM SHRI Schools के रूप में किया जा चुका है। योजना की निर्धारित अवधि 2022-23 से 2026-27 है।

जून 2026 की सरकारी जानकारी के अनुसार ये 13,092 स्कूल 776 जिलों में विकसित किए जा चुके थे।

कुछ प्रमुख तथ्य

pm shri schools_2026

छत्तीसगढ़ के संदर्भ में भी यह योजना महत्वपूर्ण है। 27 जुलाई 2026 की आधिकारिक जानकारी के अनुसार राज्य में 393 PM SHRI Schools चयनित हैं।

तो अब सवाल यह नहीं है कि “PM SHRI Schools बनाए जाएँगे या नहीं?”

सवाल अधिक महत्वपूर्ण है—

“इन स्कूलों में school transformation किस स्तर तक दिखाई दे रहा है?”

PM SHRI Schools का वास्तविक उद्देश्य क्या है?

PM SHRI का उद्देश्य केवल school infrastructure को बेहतर बनाना नहीं है।

आधिकारिक framework में इसे NEP 2020 के विभिन्न पहलुओं को व्यवहार में प्रदर्शित करने वाले exemplar schools के रूप में देखा गया है।

इसका व्यापक उद्देश्य है—

  1. गुणवत्तापूर्ण और आनंददायक learning environment बनाना।
  2. NEP 2020 की pedagogical दृष्टि को कक्षा में लागू करना।
  3. बच्चों में 21वीं सदी के कौशल विकसित करना।
  4. समावेशी और न्यायसंगत स्कूल वातावरण तैयार करना।
  5. शिक्षक और school leadership को मजबूत करना।
  6. दूसरे स्कूलों के लिए mentoring और benchmarking का अवसर बनाना।

उदाहरण

यदि स्कूल में स्मार्ट बोर्ड है, लेकिन शिक्षक अभी भी पूरी कक्षा को केवल lecture के माध्यम से पढ़ा रहे हैं, तो क्या यह NEP 2020 की भावना के अनुरूप परिवर्तन है?

यहीं PM SHRI की असली चुनौती शुरू होती है।

PM SHRI Schools के छह प्रमुख Pillars

PM SHRI framework को छह प्रमुख pillars के आधार पर विकसित किया गया है।

1. Curriculum, Pedagogy and Assessment

यह pillar curriculum, teaching-learning और assessment को सीखने की नई दृष्टि से जोड़ता है।

बच्चों को केवल जानकारी याद कराने के बजाय उन्हें सोचने, खोजने, चर्चा करने, समस्या हल करने और अपने सीखने में सक्रिय भागीदारी का अवसर देना महत्वपूर्ण है।

उदाहरण:
विज्ञान/सामाजिक विज्ञान में केवल “जल संरक्षण” की परिभाषा याद कराने के बजाय विद्यार्थी अपने गाँव या मोहल्ले में पानी के उपयोग का सर्वेक्षण कर सकते हैं।

2. Access and Infrastructure

PM SHRI Schools में infrastructure का अर्थ केवल सुंदर भवन नहीं है।

सुविधाएँ पर्याप्त, कार्यात्मक (Functional), सुरक्षित, सुलभ और learning-friendly होनी चाहिए।

इसमें classrooms, laboratories, libraries, ICT, sports facilities और inclusive access जैसी आवश्यकताएँ शामिल हो सकती हैं। PM SHRI framework infrastructure को adequacy, functionality, aesthetics और safety के दृष्टिकोण से देखता है।

उदाहरण:
एक library तभी उपयोगी है जब बच्चे उसमें नियमित रूप से पढ़ें और शिक्षक learning activities में उसका उपयोग करें।

3. Human Resources and School Leadership

PM SHRI School में teacher collaboration और school leadership
School transformation के लिए teacher development और effective school leadership महत्वपूर्ण हैं।

क्या केवल प्रशिक्षित शिक्षक ही पर्याप्त हैं?

नहीं।

स्कूल को मजबूत करने के लिए teacher development के साथ school leadership भी आवश्यक है।

PM SHRI framework teachers के continuous professional development और मजबूत school leadership पर विशेष जोर देता है।

उदाहरण:
प्रधानाध्यापक यदि नियमित teacher collaboration, classroom observation और learning review की संस्कृति बनाते हैं, तो infrastructure का प्रभाव अधिक meaningful हो सकता है।

4. Inclusive Practices and Gender Equity

हर बच्चा समान पृष्ठभूमि से नहीं आता।

किसी बच्चे की भाषा अलग हो सकती है। किसी की learning need अलग हो सकती है। किसी को disability के कारण अतिरिक्त support चाहिए।

PM SHRI Schools से अपेक्षा है कि वे ऐसे वातावरण का निर्माण करें जहाँ हर बच्चा सुरक्षित, सम्मानित और सहभागी महसूस करे।

उदाहरण:
बहुभाषी कक्षा में बच्चों की स्थानीय भाषा को learning resource के रूप में स्वीकार करना inclusion की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

5. Management, Monitoring and Governance

School transformation केवल गतिविधियों की सूची नहीं है।

स्कूल को यह भी देखना होगा कि—

  • क्या निर्धारित लक्ष्य पूरे हो रहे हैं?
  • resources का उपयोग कैसे हो रहा है?
  • बच्चों की learning में क्या बदलाव आया?
  • किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है?

यही कारण है कि PM SHRI में monitoring और governance को अलग pillar बनाया गया है।

6. Beneficiary Satisfaction

एक महत्वपूर्ण प्रश्न यह भी है—

प्रधानाध्यापक, शिक्षक, विद्यार्थी, अभिभावक और समुदाय स्कूल के बारे में क्या अनुभव करते हैं?

PM SHRI framework school quality को केवल infrastructure या examination results से नहीं देखता। इसमें विभिन्न stakeholders की भूमिका और satisfaction को भी महत्व दिया गया है।

प्रधानमंत्री स्कूल्स for राइजिंग इंडिया  (PM SHRI Schools) में Teaching और Learning कैसी होनी चाहिए?

PM SHRI School में experiential learning activity
PM SHRI Schools में बच्चों को सक्रिय भागीदारी और अनुभव के माध्यम से सीखने का अवसर।

यहाँ NEP 2020 का प्रभाव सबसे अधिक दिखाई देना चाहिए।

Learning को—

  • experiential,
  • inquiry-based,
  • discussion-based,
  • joyful,
  • competency-oriented,
  • collaborative

और context-based बनाया जाना अपेक्षित है।

एक रोचक उदाहरण

यदि सामाजिक विज्ञान में “ग्राम पंचायत” पढ़ाई जा रही है, तो विद्यार्थी केवल पुस्तक की परिभाषा क्यों याद करें?

वे ग्राम पंचायत कार्यालय का भ्रमण कर सकते हैं। पंचायत प्रतिनिधि से बातचीत कर सकते हैं। ग्राम सभा की भूमिका समझ सकते हैं और अपनी रिपोर्ट तैयार कर सकते हैं।

यही textbook knowledge को lived experience में बदलने का प्रयास है।

Assessment: परीक्षा से आगे Learning Improvement तक

PM SHRI Schools में assessment का उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम तैयार करना नहीं होना चाहिए।

Assessment का उपयोग यह समझने के लिए भी किया जाना चाहिए कि—

बच्चे ने क्या सीखा?
कहाँ कठिनाई है?
अगला learning step क्या होना चाहिए?

इसलिए assessment को teaching-learning process का हिस्सा बनाना आवश्यक है।

उदाहरण

यदि कक्षा 6 का बच्चा भिन्नों से जुड़े प्रश्न हल नहीं कर पा रहा है, तो केवल कम अंक देना समाधान नहीं है।

शिक्षक को यह जानना होगा कि कठिनाई कहाँ है। फिर उसी आधार पर remedial या supportive learning activity तैयार करनी होगी।

यही assessment for learning की उपयोगी भूमिका है।

School Quality Assessment Framework: “हमारा स्कूल कितना अच्छा है?”

PM SHRI के संदर्भ में School Quality Assessment Framework (SQAF) विशेष महत्व रखता है।

इसका मूल प्रश्न है—

“How good is our school?”

SQAF का उद्देश्य स्कूलों को self-assessment और external assessment के माध्यम से अपनी quality समझने तथा सुधार की दिशा तय करने में सहायता देना है। इसमें school provision, governance और student learning outcomes जैसे पहलुओं को देखा जाता है।

यहाँ एक महत्वपूर्ण बात समझनी चाहिए।

School improvement कुछ महीनों में पूरा होने वाला काम नहीं है।

आधिकारिक SQAF भी school improvement को incremental और long-term process के रूप में देखता है।

PM SHRI से दूसरे सरकारी स्कूल क्या सीख सकते हैं?

क्या PM SHRI का लाभ केवल चयनित 13,092 स्कूलों तक सीमित रहना चाहिए?

बिल्कुल नहीं।

इस योजना की वास्तविक सफलता तब अधिक दिखाई देगी जब इसकी अच्छी practices दूसरे स्कूलों तक भी पहुँचें।

दूसरे सरकारी स्कूल इन क्षेत्रों में सीख ले सकते हैं—

  1. स्थानीय संदर्भ आधारित teaching।
  2. Library और reading culture।
  3. Experiential learning।
  4. Teacher collaboration।
  5. Student participation।
  6. Inclusive classroom practices।
  7. School-community partnership।
  8. Green और sustainable practices।
  9. Data-based school improvement।
  10. मजबूत school leadership।

इस दृष्टि से PM SHRI को केवल “selected schools scheme” के रूप में नहीं, बल्कि school improvement learning model के रूप में देखना अधिक उपयोगी है।

PM SHRI Schools के सामने प्रमुख चुनौतियाँ

योजना का विस्तार महत्वपूर्ण है, लेकिन वास्तविक transformation की राह आसान नहीं है।

प्रमुख चुनौतियाँ

  • infrastructure को meaningful learning में बदलना;
  • teachers को लगातार professional support देना;
  • school leadership को मजबूत करना;
  • inclusion को classroom practice बनाना;
  • technology का उद्देश्यपूर्ण उपयोग;
  • learning outcomes में वास्तविक सुधार;
  • अच्छे practices को neighbouring schools तक पहुँचाना;
  • 2026-27 के बाद achieved benchmarks को बनाए रखना।

आधिकारिक FAQ के अनुसार योजना की अवधि 2026-27 तक है। इसके बाद PM SHRI Schools में प्राप्त benchmarks को बनाए रखने की जिम्मेदारी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की होगी।

इसलिए sustainability अब PM SHRI की सबसे महत्वपूर्ण आगामी चिंताओं में से एक है।

2026 में PM SHRI को कैसे देखें?

अब तक के सफर को तीन शब्दों में समझा जा सकता है—

Selection Transformation Sustainability

पहला चरण है—स्कूलों का चयन।

दूसरा और अधिक महत्वपूर्ण चरण है—उनका वास्तविक transformation।

तीसरा चरण है—इस transformation को टिकाऊ बनाना और उसकी अच्छी practices को व्यापक school system तक पहुँचाना।

यहीं PM SHRI की वास्तविक परीक्षा होगी।

अभिभावक, शिक्षक और school leaders क्या कर सकते हैं?

यदि आपके क्षेत्र में PM SHRI School है, तो केवल यह न पूछें कि वहाँ कितने smart classrooms हैं।

इन सवालों पर भी ध्यान दें—

क्या बच्चे अधिक सक्रिय होकर सीख रहे हैं?

शिक्षक बच्चों को प्रश्न पूछने और खोजने का अवसर दे रहे हैं?

क्या library और laboratory वास्तव में उपयोग हो रहे हैं?

हर बच्चे को सीखने का अवसर मिल रहा है?

क्या school leadership improvement को नियमित रूप से review कर रही है?

इन प्रश्नों से PM SHRI को केवल एक सरकारी योजना के बजाय school quality improvement process के रूप में समझा जा सकता है।

निष्कर्ष: PM SHRI की असली सफलता कहाँ दिखाई देगी?

PM SHRI Schools भारत में NEP 2020 की school-level implementation को प्रदर्शित करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। 2026 तक 14,500 से अधिक स्कूलों के लक्ष्य में से 13,092 स्कूल चयनित हो चुके हैं।

लेकिन संख्या ही सफलता का अंतिम प्रमाण नहीं है।

असली सफलता तब दिखाई देगी जब—

बेहतर infrastructure बेहतर teaching बेहतर learning experience बेहतर learning outcomes  में बदल सके।

और उससे भी आगे, जब PM SHRI Schools की अच्छी practices आसपास के दूसरे सरकारी स्कूलों तक पहुँचें।

इसलिए 2026 में PM SHRI को केवल “सरकारी स्कूलों को modern बनाने की योजना” कहना पर्याप्त नहीं होगा।

इसे NEP 2020 की दृष्टि से school transformation का एक exemplar model मानकर देखना अधिक सार्थक होगा।

अब आपकी बारी है—

आपके क्षेत्र के PM SHRI School में क्या बदलाव दिखाई दे रहे हैं?

क्या वहाँ केवल infrastructure बदला है, या classroom teaching और बच्चों के learning experience में भी बदलाव आया है?

अपने अनुभव और विचार comment में साझा करें।

FAQs

1. PM SHRI Schools क्या हैं?

PM SHRI Schools केंद्र प्रायोजित योजना के अंतर्गत विकसित किए जा रहे मौजूदा सरकारी स्कूल हैं। इनका उद्देश्य NEP 2020 की प्रमुख पहलों को प्रदर्शित करना और उन्हें exemplar schools के रूप में विकसित करना है।

2. PM SHRI योजना कब शुरू हुई?

PM SHRI योजना 7 सितंबर 2022 को शुरू की गई थी। इसकी निर्धारित implementation period 2022-23 से 2026-27 है।

3. 2026 तक कितने PM SHRI Schools चयनित हुए हैं?

29 जुलाई 2026 को उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार देशभर में 13,092 स्कूल PM SHRI Schools के रूप में चयनित किए जा चुके हैं।

4. PM SHRI Schools का मुख्य उद्देश्य क्या है?

मुख्य उद्देश्य मौजूदा स्कूलों को गुणात्मक रूप से मजबूत करना, NEP 2020 को व्यवहार में प्रदर्शित करना और उन्हें exemplar schools के रूप में विकसित करना है।

5. क्या PM SHRI केवल infrastructure development scheme है?

नहीं। PM SHRI में curriculum, pedagogy, assessment, infrastructure, teacher development, school leadership, inclusion, governance और beneficiary satisfaction जैसे व्यापक पहलू शामिल हैं।

6. छत्तीसगढ़ में कितने PM SHRI Schools हैं?

27 जुलाई 2026 की आधिकारिक जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ में 393 PM SHRI Schools चयनित हैं।

7. PM SHRI योजना कब तक चलेगी?

वर्तमान योजना अवधि 2022-23 से 2026-27 तक है। इसके बाद प्राप्त quality benchmarks को बनाए रखने की जिम्मेदारी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की होगी।

क्या आपके जिले में PM SHRI School है?

अपने स्कूल में infrastructure, teaching-learning, assessment और school leadership में दिखाई देने वाले बदलावों को देखें।

यदि आप शिक्षक, school leader या education professional हैं, तो अपने अनुभव साझा करें।

आपके अनुभव से PM SHRI की वास्तविक तस्वीर को समझने में मदद मिल सकती है।

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https://pmshri.education.gov.in/faqs

 

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By Radhe Shyam Thawait

Radhe Shyam Thawait is an educational consultant, teacher educator, and curriculum specialist with over 30 years of experience in school education. As the Founder of RST EDU, he publishes research-based educational resources, practical classroom strategies, and leadership insights to support teachers, school leaders, teacher educators, and education professionals while promoting the effective implementation of NEP 2020 and NCF 2023.