PMSHRI School 2022
PMSHRI school

PMSHRI स्कूल योजना क्या है?

PMSHRI स्कूल योजना का सबसे पहले Full Form जान लेते हैं- PMSHRI (PM ScHools Rising India)। PMSHRI स्कूल योजना 5 सितंबर 2022 को हमारे देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा घोषित एक महत्वपूर्ण केंद्र प्रवर्तित योजना – Central Sponsored Scheme (शैक्षिक पहल / योजना) है।  जिसके पहले चरण में देश भर से 14500 स्कूलों का चयन कर उत्कृष्ट (Upgrade) किया जाएगा। इसमें केंद्र सरकार, राज्य सरकार, केंद्र शासित प्रदेशों तथा स्थानीय निकायों द्वारा संचालित स्कूल शामिल होंगे।

PMSHRI स्कूल योजना का क्या उद्देश्य है?

पहला उद्देश्य- यह एक ऐसा स्कूल होगा जो नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अमलीजामा पहनाने के उद्देश्य से प्रारम्भ किया जा रहा है जो अन्य सरकारी स्कूलों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करेगा तथा उन स्कूलों को गुणात्मक शिक्षा के लिए मार्गदर्शन का काम करेगा अर्थात यह देशभर के स्कूलों के लिए अनुकरणीय होगा।

दूसरा उद्देश्य – यह एक ऐसा स्कूल होगा जो न केवल संज्ञानात्मक बल्कि सह- संज्ञानात्मक क्षेत्रों के साथ यह व्यक्ति को 21वीं शताब्दी के कौशलों के लिए भी तैयार करेगी।

शिक्षा के उद्देश्य क्या है

PMSHRI स्कूल योजना के तहत शिक्षण विधि क्या होगी?

नई शिक्षा नीति 2020 के तहत प्रतिबद्ध वे सभी शिक्षण विधियां जिसमें मुख्य रूप से अनुभव आधारित, खोज उन्मुख, समग्र एवं समावेशी प्रकृति, चर्चा आधारित, आनंददायी, बाल केन्द्रित शिक्षा को शामिल किया जाएगा। और इन सभी शिक्षण विधियों के लिए केंद्र एवं राज्य सरकारों के शिक्षा विभागों द्वारा जारी सीखने के प्रतिफल (Learning Outcomes) एक मुख्य आधार होगा। अर्थात प्रत्येक बच्चा अपनी आयु व कक्षा स्तर के अनुसार सीखें।

PMSHRI स्कूल योजना के तहत बच्चों का आकलन कैसा होगा?

जैसा कि नई शिक्षा नीति 2020 में साफ कहा गया है कि बच्चों में रट कर सीखने को पूरी तरह हतोत्साहित किया जाएगा बल्कि किसी विषयवस्तु की अवधारणात्मक समझ पर ज़ोर होगा। इस योजना के तहत इन स्कूलों में पूरी तरह बच्चों की अवधारणात्मक समझ की जांच / आकलन पर ज़ोर दिया जाएगा। इसका आशय यह है कि बच्चों के सीखने का आकलन (Assessment of Learning) के स्थान पर सीखने के लिए आकलन (Assessment for Learning) तथा सीखने के रूप में (Assessment as Learning) पर बल दिया जाएगा। साथ ही बच्चों के ज्ञान के अनुप्रयोगात्मक (Application of Knowledge) पक्ष पर भी ज़ोर होगा अर्थात बच्चे स्कूल में जो कुछ सीखते हैं उसे अपने जीवन में उपयोग कर पाता हाई या नहीं, का आकलन।

PMSHRI Schools आधारभूत संरचना कैसी होगी?

PMSHRI स्कूलों में आधारभूत संरचना बहुत ही आधुनिक किस्म के होंगे जिसमें प्रयोगशाला, पुस्तकालय, आधुनिक कक्षाएँ, खेल का मैदान आदि होंगे जो समावेशी एवं सभी के लिए सुलभ होंगे। यह भी उल्लेखनीय है कि इन स्कूलों को पर्यावरण के अनुकूल विकसित किया जाएगा जैसे की जल संरक्षण, अपशिष्ट पदार्थों का पुनः चक्रण, प्राकृतिक ऊर्जा का उपयोग तथा पाठ्यक्रम में जैविक जीवन शैली का उपयोग आदि।

अन्य महत्वपूर्ण बातें-

  1. देश के प्रत्येक विकासखंड में कम से कम एक स्कूल PMSHRI स्कूल होगा।
  2. सभी राज्य, केंद्र शासित एवं स्थानीय निकायों से PMSHRI स्कूलों के लिए प्रस्ताव मांगे जाएँगे।
  3. इन स्कूलों में प्रवेश के लिए एक जांच परीक्षा आयोजित की जा सकती है।
  4. छोटे बच्चों के स्कूलों के लिए खिलौने एवं खेल के सामानों का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
  5. इन स्कूलों की पाठ्यक्रम में जैविक जीवन शैली को अपनाया जाएगा।
  6. इन स्कूलों के शिक्षकों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

स्रोत- https://pib.gov.in/PressReleseDetail.aspx?PMO=3&PRID=1856924

 

 

 

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By Radhe Shyam Thawait

Radhe Shyam Thawait is an educational consultant, teacher educator, and curriculum specialist with more than 30 years of experience in school education. He has worked with universities, SCERT, state education missions, and national educational organisations in curriculum development, teacher professional development, educational leadership, and academic resource creation. As the Founder of RST EDU, he publishes research-based articles, practical classroom strategies, leadership insights, and evidence-informed educational resources for teachers, school leaders, teacher educators, researchers, and education professionals. His work supports the effective implementation of NEP 2020 and the National Curriculum Framework (NCF) while promoting quality teaching and meaningful learning.